धर्म-कर्म

बुराइयों को छोड़कर अच्छाई अपनाना ही सच्ची प्रेमा भक्ति: निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा

देवभूमि कुल्लू के ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

उज्जैन। जिला कुल्लू के ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में आयोजित संत निरंकारी मिशन का भव्य समागम आस्था और श्रद्धा का जीवंत उत्सव बन गया। उज्जैन के मीडिया सहायक विनोद गज्जर के अनुसार इस समागम से पूर्व युवाओं में आध्यात्मिक जागृति के लिए निरंकारी यूथ सिंपोजियम का भी आयोजन किया गया। विशाल मैदान में उमड़े हजारों श्रद्धालु इस बात का प्रमाण थे कि आध्यात्मिकता आज भी लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों भक्तों ने सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज के दर्शन कर आत्मिक शांति और प्रेरणा का अनुभव किया।

विशाल सत्संग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सतगुरु माता ने कहा कि सच्ची भक्ति वही है जिसमें बुराइयों को छोड़कर केवल अच्छाई को अपनाया जाए। यह मात्र भक्ति नहीं बल्कि प्रेमा भक्ति है जो दिलों को जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि अक्सर हम दूसरों की गलतियां निकालने में अपना कीमती समय गंवा देते हैं जबकि आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने भीतर झांकें और नफरत को खत्म कर प्रेम तथा भाईचारे की भावना को बढ़ाएं। युवाओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उन्हें गलत ठहराना आसान है लेकिन उनकी राह में आने वाली चुनौतियों को समझना भी जरूरी है। उन्होंने संदेश दिया कि दिल से नफरत मिटाकर प्रेम सहनशीलता और सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीना ही सच्ची भक्ति और मानवता की पहचान है।

समागम का वातावरण पूरी तरह से भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत था। सतगुरु माता के दिव्य प्रवचनों ने जीवन के वास्तविक उद्देश्य को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस आयोजन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों जैसे पांगी चंबा किन्नौर और लाहौल-स्पीति से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंडी जोन के जोनल इंचार्ज डॉ आरके अभिलाषी ने सतगुरु माता एवं निरंकारी राजपिता का स्वागत किया तथा जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सेवादारों की निस्वार्थ सेवा अनुशासन और सुव्यवस्थित प्रबंधन की सराहना की। यह दिव्य संत समागम समाज में प्रेम सद्भाव और एकता का सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ।

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