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विक्रमोत्सव 2026: ‘अनादि पर्व’ में ईशानी भट्ट ने दी मनमोहक कत्थक प्रस्तुति

संस्कार भारती की प्रांताध्यक्ष माया बदेका ने किया सम्मानित; अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं ईशानी

उज्जैन। विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत ‘आदि अनादि पर्व’ में 15 मार्च की शाम इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह में ख्याति प्राप्त नृत्यांगना ईशानी भट्ट ने शास्त्रीय कत्थक नृत्य की शानदार एकल प्रस्तुति देकर अपनी नृत्यांजलि अर्पित की।
प्रांताध्यक्ष द्वारा हुआ सम्मान
इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में ईशानी भट्ट की उत्कृष्ट प्रस्तुति के पश्चात उन्हें मंच पर सम्मानित किया गया। संस्कार भारती की प्रांताध्यक्ष माया बदेका ने ईशानी को उनकी शानदार कलात्मक प्रस्तुति के लिए सम्मान प्रदान किया।
14 वर्षों से ले रही हैं शास्त्रीय नृत्य का प्रशिक्षण
ज्ञात हो कि ईशानी भट्ट विगत 14 वर्षों से गुरु श्रीमती पद्मजा रघुवंशी और गुरु दीदी प्रतिभा रघुवंशी के मार्गदर्शन में गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत शास्त्रीय कत्थक नृत्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर किया है। ईशानी ने दुबई और सिंगापुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया है।
राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से हैं सम्मानित
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के साथ ही ईशानी ने आगरा में आयोजित संस्कार भारती के मंच पर प्रथम पुरस्कार के साथ राधा रानी अवार्ड भी प्राप्त किया है। उन्होंने दिल्ली की झंकार नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अर्जित किया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने राष्ट्रीय स्तरीय कला उत्सव तथा राज्य स्तरीय बालरंग प्रतियोगिता में भी प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। ईशानी को गुरु पंडित राजेंद्र गंगानी के मार्गदर्शन में खजुराहो में आयोजित कथक नृत्य में विश्व रिकॉर्ड के लिए प्रस्तुति देने का अवसर भी प्राप्त हो चुका है।

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