महाकाल मंदिर: ‘आस्था पर टैक्स’ के विरोध में सड़कों पर उतरी यूथ कांग्रेस
आरती के लिए 250 शुल्क थोपने पर आक्रोश, अर्पित यादव के नेतृत्व में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

गूंजे नारे, ’धर्म के नाम पर वसूली बंद हो’
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं पर 250 रुपये का शुल्क लगाने के विरोध में जिला यूथ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। यूथ कांग्रेस ने इसे ‘आस्था पर टैक्स’ और ‘धर्म का व्यवसायीकरण’ करार देते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।
जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अर्पित यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भगवान और भक्त के बीच शुल्क की दीवार खड़ी करना न्यायसंगत नहीं है। विरोध प्रदर्शन के पश्चात यूथ कांग्रेस ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर नई व्यवस्था को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि संध्या आरती और शयन आरती के लिए निर्धारित 250 का शुल्क तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। साथ ही सामान्य श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह से दर्शन की व्यवस्था पुनः प्रारंभ की जाए। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि दर्शन के नाम पर हो रहे व्यापार को बंद कर आम श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, क्योंकि आस्था पर किसी भी प्रकार का टैक्स बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



