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महिला पथ विक्रेताओं से अभद्रता और अवैध जब्ती पर भड़का आक्रोश, भारतीय मजदूर संघ ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

पुलिस पर कार्रवाई न करने और उल्टे पीड़ितों पर केस दर्ज करने का आरोप, राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत दी चेतावनी

उज्जैन। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन के तहत, हाथ ठेला एवं फुटपाथ व्यापारी संघ महाकाल, उज्जैन ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ ने नगर निगम कर्मचारियों और असामाजिक तत्वों द्वारा महिला पथ विक्रेताओं के साथ मारपीट, अभद्रता और सामान लूटने की घटनाओं पर कड़ा विरोध जताया है।
अधिकारियों पर ’स्ट्रीट वेंडर एक्ट’ के उल्लंघन का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 5 फरवरी को मोनू थनवार, आनंद भैरवे, नितिन बाली, अंगत बाली, मोईनुद्दीन चौधरी और अन्य कर्मचारियों ने ’स्ट्रीट वेंडर एक्ट 2014’ और वेडिंग सर्टिफिकेट होने के बावजूद गैरकानूनी तरीके से सामान जब्त किया। जब्ती के दौरान न तो कोई सीजर मेमो दिया गया और न ही टीवीसी कमेटी की सिफारिश ली गई।
संघ का कहना है कि जब 6 फरवरी को पदाधिकारी फायर बिग्रेड जोन क्र. 2 पर बात करने पहुंचे, तो वहां पहले से रची गई साजिश के तहत महिलाओं और पुरुष साथियों के साथ मारपीट की गई।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
व्यापारी संघ ने पुलिस प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया है। संघ के अनुसार, घटना के वीडियो फुटेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग एसपी और थाना प्रभारी को सौंपे जाने के बाद भी कोतवाली पुलिस ने मोनू थनवार और उसके साथियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके विपरीत, 6 फरवरी को उल्टा फरियादी पक्ष (व्यापारियों) पर ही झूठा प्रकरण दर्ज कर दिया गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि झूठा प्रकरण खत्म कर दोषियों पर तत्काल लूट और मारपीट का मामला दर्ज किया जाए और जब्त सामान वापस मिले।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आनंद शिंदे, जिला अध्यक्ष मनीष कारपेंटर, विभाग प्रमुख सतीश शर्मा, जिला कार्यकारी अध्यक्ष तूफान शर्मा, संजय चौहान, कालूराम, लक्ष्मीनारायण रजक, सुरेश माली, राधेश्याम कहार, रवि कहार, रामकुमार सोनी, धर्मेंद्र लोधी, संजय पटेल, रवि प्रजापत, बंटी प्रजापत और मुबारक खान शामिल थे। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला पथ विक्रेता भी मौजूद रहीं, जिनमें सुमित्रा सिंह चौहान, माया जाट, मंजू चौहान, रामकुमार बाई, आरती पांचाल, किरण मेहरा, मधु लोधी, जय देवी लोधी, बसंती बाई, रूपा बाई, कलावती गहलोत, किरण ठाकुर और रानू कहार आदि शामिल थीं।

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