सहकारिता से होगा किसानों व पशुपालकों का आर्थिक विकास: कौशल उन्नयन प्रशिक्षण शुरू
उज्जैन के पंथपिपलई में दुग्ध सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों का दो दिवसीय शिविर, 1.37 लाख रुपये का बोनस भी बंटा

उज्जैन: मध्य प्रदेश राज्य सहकारी संघ (भोपाल) और जिला सहकारी संघ (उज्जैन) के संयुक्त तत्वावधान में उज्जैन तहसील की दुग्ध सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय ‘कौशल उन्नयन एवं नेतृत्व विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन पंथपिपलई के पंचायत भवन में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में जिला सहकारी संघ के प्रभारी प्रबंधक सुमेरसिंह सोलंकी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि सदस्यों और प्रबंधकों के सहयोग से सहकारिता नए कार्यों के क्षेत्र में अग्रसर हो रही है, और इसी एकजुटता के कारण भारत सहकारिता में विश्व में सिरमौर है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं उपायुक्त (सहकारिता) के. पाटनकर ने ऐसे प्रशिक्षण शिविरों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इनसे समाज, किसान, पशुपालक, महिला, युवा और कमजोर वर्गों की आर्थिक उन्नति व विकास में मदद मिलेगी।
‘श्वेत क्रांति-2’ और नई तकनीकों पर मंथन
इंदौर सहकारी प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य दिलीप मरमट ने नई सहकारी नीति ‘श्वेत क्रांति 2’ की जानकारी दी। उन्होंने संस्थाओं के बायलॉज में बहुउद्देश्यीय गतिविधियों के माध्यम से सदस्यों के आर्थिक विकास पर जोर दिया। ऑडिट ऑफिसर संजीव शर्मा ने कहा कि सदस्य ही सहकारी संस्था के असली मालिक हैं, इसलिए वे संस्था के हित में स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने के लिए तत्पर रहें। दुग्ध संघ उज्जैन के पर्यवेक्षक चंद्रनारायण शर्मा ने पशुपालन में उन्नत नस्ल, नस्ल सुधार और नई तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया।
सदस्यों को मिला 1.37 लाख का बोनस
इस अवसर पर पंथपिपलई दुग्ध सहकारी संस्था द्वारा प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में आने वाले सदस्यों को पुरस्कृत किया गया। संस्था द्वारा अपने लाभांश में से सभी सदस्यों को कुल 1,37,500 रुपये की बोनस राशि का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष कमलसिंह आसावद, सरपंच मोहनसिंह आसावद, शिवकुमार गेहलोत सहित बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक उपस्थित रहे।



