सेहतनामा

उज्जैन नाड़ी परीक्षण शिविर: महारोग से ग्रसित मरीज को मिली संजीवनी, मरीजों की भीड़ देख 1 मार्च तक बढ़ा कैंप

गंभीर और असाध्य रोगों में मिल रहे चमत्कारिक परिणाम; इंदौर का शिविर निरस्त, उज्जैन में ही मिलेगा स्वास्थ्य लाभ

उज्जैन: महाकाल की नगरी में चल रहे निशुल्क नाड़ी परीक्षण शिविर में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से गंभीर और असाध्य बीमारियों के चमत्कारिक परिणाम सामने आ रहे हैं। मरीजों की भारी भीड़ और मिल रहे सकारात्मक परिणामों को देखते हुए शिविर को 1 मार्च तक बढ़ा दिया गया है।
महारोग में मिला अभूतपूर्व लाभ, अब 71 वर्षीय मां का भी शुरू होगा इलाज
शिविर में राजीव गांधी नगर (दमदमा) निवासी 50 वर्षीय कृष्णा मालवीय को इलाज से नई उम्मीद मिली है। कृष्णा पिछले दो साल से महारोग और वात रोग से ग्रसित थीं, जिसके कारण उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर हो गई थी और वजन लगातार गिर रहा था। वैद्य संतोष आनंद जायसवाल द्वारा दी गई आयुर्वेदिक दवाइयों से उन्हें काफी फायदा हुआ है और वजन भी बढ़ा है।
अपने स्वास्थ्य में हुए चमत्कारिक सुधार से प्रेरित होकर, गुरुवार (26 फरवरी) को कृष्णा अपनी 71 वर्षीय माता सजन बाई को भी वैद्य को दिखाने लेकर आईं। सजन बाई श्वास, बवासीर, सूजन और मूत्र पक्षाघात (यूरिन सेंसेशन न रहना) जैसी गंभीर समस्याओं से पीड़ित हैं। वैद्य ने सजन बाई को ईएसआर और सीआरपी (ESR, CRP) जैसे कुछ जरूरी टेस्ट करवाने की सलाह दी है, ताकि रिपोर्ट के आधार पर उनका सटीक इलाज शुरू किया जा सके। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए निशुल्क मेडिकल टेस्ट की व्यवस्था भी करवाई जा रही है।
45 साल से मूक-बधिर महिला को ‘बोलने’ की आस
छोटी धाबरी निवासी 45 वर्षीय अनीता त्रिपाठी जन्म से ही मूक-बधिर हैं और पैरों के दर्द से परेशान थीं। उनके भाई मनोहर त्रिपाठी उन्हें शिविर में लेकर आए। ‘महाकाल वन मेला 2026’ के प्रथम पुरस्कार विजेता वैद्य संतोष आनंद जायसवाल ने न केवल उनके पैरों का दर्द दूर किया, बल्कि उनकी बोलने-सुनने की क्षमता वापस लाने के लिए तीन साल का महंगा कोर्स पूरी तरह निशुल्क शुरू किया है। वैद्य ने दावा किया है कि तीन महीने के भीतर ही सकारात्मक परिणाम दिखने शुरू हो जाएंगे।
बिना रिपोर्ट सिर्फ नाड़ी देखकर गंभीर रोगों का सटीक इलाज
मां दुर्गा वन औषधि संजीवनी अनुसंधान के डायरेक्टर संतोष आनंद जायसवाल पिछले 25 वर्षों से बिना किसी जांच रिपोर्ट के केवल नाड़ी देखकर रोगों का सटीक निदान कर रहे हैं। शिविर में कई अन्य मरीजों को भी राहत मिली है:
नगरकोट निवासी लीला बाई का गंभीर दर्द और शुगर निशुल्क दवा से नियंत्रित हुआ है, और अब वे चलने-फिरने में सक्षम हैं।
गांधी नगर के अजय प्रजापत को 7 माह पुराने कमर और मेरुदंड दर्द से मात्र एक दिन की दवा में आराम मिला।
सिंधी कॉलोनी की शालिनी के पैरों का गैंग्रीन और शुगर एक सप्ताह में नियंत्रित हो गया।
जन्म से दोनों पैरों से दिव्यांग अली मोहम्मद को भी दर्द से बड़ी राहत मिली है।
इंदौर का कैंप निरस्त, उज्जैन में 1 मार्च तक मिलेगा लाभ
मरीजों के भारी दबाव के कारण उज्जैन का शिविर 1 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। यह शिविर क्षीरसागर गेट स्थित प्रकाश टॉकीज की गली के पास जायसवाल धर्मशाला में प्रतिदिन सुबह 9 से रात 9 बजे तक संचालित है। अत्यधिक भीड़ के कारण 25 से 30 फरवरी तक इंदौर में प्रस्तावित शिविर निरस्त कर दिया गया है; अब इंदौर के मरीज भी उज्जैन आकर लाभ ले सकते हैं।
शिविर में लिवर, किडनी, पथरी, थायराइड, बवासीर, स्पॉन्डिलाइसिस, 84 प्रकार के गठियावात, सोरायसिस और हृदय रोग सहित कई बीमारियों का आयुर्वेदिक इलाज किया जा रहा है। पंजीयन हेतु मोबाइल नंबर 9300644113 और 9755703571 पर संपर्क किया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button