धर्म-कर्म

उज्जैन में बनेगा मेवाड़ के अराध्य एकलिंगनाथ जी का भव्य मंदिर, राम मंदिर के कारीगर 6 करोड़ में करेंगे निर्माण

नलवा में हुआ भूमिपूजन; गुरुकुल और गौशाला भी बनेगी, महाराणा प्रताप के वंशज लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ हुए शामिल

उज्जैन। श्री त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण विकास परिषद मध्य प्रदेश और गुजरात के तत्वावधान में बड़नगर रोड स्थित ग्राम नलवा (पंचक्रोशी पड़ाव-3) में गुरुवार 26 फरवरी को मेवाड़ के अराध्य भगवान श्री एकलिंगनाथ जी के भव्य मंदिर, गुरुकुल और गौशाला का ऐतिहासिक भूमिपूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मेवाड़ राजघराने के महाराणा प्रताप के वंशज डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ विशेष रूप से उपस्थित रहे।
राम मंदिर के कारीगर बनाएंगे संगमरमर का मंदिर
श्री त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष सुनील जोशी ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए करीब 20,000 वर्गफीट की जमीन आरक्षित की गई है। मंदिर का निर्माण सफेद संगमरमर से होगा, जिसमें शिवलिंग काले पत्थर का स्थापित किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 6 से 7 करोड़ रुपये है। सबसे खास बात यह है कि इस मंदिर का डिजाइन अहमदाबाद के उसी सोमपुरा परिवार ने तैयार किया है, जिन्होंने अयोध्या के भव्य राम मंदिर का डिजाइन बनाया था। अयोध्या राम मंदिर बनाने वाले कारीगर ही इस मंदिर का निर्माण करेंगे।
सिंहस्थ 2028 तक प्राण-प्रतिष्ठा का लक्ष्य
कोषाध्यक्ष गिरधारीलाल त्रिवेदी ने बताया कि परिषद का लक्ष्य है कि आगामी सिंहस्थ (आखातीज) 2028 से पहले मंदिर का निर्माण पूरा कर प्राण-प्रतिष्ठा कर दी जाए। मंदिर का गर्भगृह 13.7 बाय 13.7 फीट का होगा। इसके अलावा एक 13 बाय 7 फीट का द्वार और 29 बाय 29 फीट का सभामंडप भी बनाया जाएगा, जिसमें तीन तरफ से प्रवेश द्वार होंगे।
आधुनिक गुरुकुल और विज्ञान से जुड़ी गौशाला
सुनील जोशी ने बताया कि मंदिर परिसर में एक गुरुकुल भी स्थापित किया जाएगा। यह गुरुकुल पारंपरिक कर्मकांड और कथावाचन तक सीमित न रहकर, आधुनिक शिक्षा का केंद्र होगा। इसके साथ ही एक गौशाला का भी निर्माण होगा, जिसे विज्ञान से जोड़कर गायों के महत्व को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया जाएगा।
मेवाड़ और मालवा का खूबसूरत संगमः लक्ष्यराज सिंह
समारोह में मुख्य रूप से शामिल हुए डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि यह आयोजन मेवाड़ और मालवा का एक बेहद खूबसूरत संगम है। उन्होंने कहा कि महाकाल की नगरी में मेवाड़ा समाज द्वारा अपने इष्टदेव एकलिंगनाथ जी का मंदिर बनवाना एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने समाज के लोगों की उपस्थिति की सराहना करते हुए कहा कि जिंदादिली विनम्रता में होती है, अकड़ तो मुर्दों में होती है। लक्ष्यराज सिंह ने मंच से कहा कि राजपूत तब तक राजपूत नहीं है, जब तक वह ब्राह्मणों का सम्मान न करे। उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
संतों का मिला सानिध्य
भूमिपूजन समारोह में गुणा मांगल्या के महेंद्रानंद गिरि महाराज, भर्तृहरि गुफा के रामनाथ महाराज, जोधपुर (शिकारपुरा) के दयाराम महाराज और अन्य साधु-संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में 151 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन अनुष्ठान संपन्न किया।

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