धर्म-कर्म

श्री मौनतीर्थ पीठ में मनाया ब्रह्मर्षि श्रीश्री मौनीबाबा महाराज का 9वां पुण्य स्मरण पर्व 

दो दिवसीय आराधना पर्व में देशभर से शामिल हुए श्रद्धालु, धार्मिक, वैदिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ भव्य आयोजन

उज्जैन। पवित्र शिप्रा तट स्थित गंगाघाट पर अवस्थित श्री मौनतीर्थ पीठ में परमपूज्य सद्गुरुदेव अखंड मौनव्रती ब्रह्मलीन ब्रह्मर्षि श्रीश्री मौनीबाबा महाराज का 9वां पुण्य स्मरण पर्व दो दिवसीय आराधना पर्व के रूप में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए भक्तों, शिष्यों, वेद विद्यार्थियों तथा श्रद्धालुओं ने सद्गुरुदेव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। संपूर्ण आयोजन महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ।

महामृत्युंजय महायज्ञ और पत्रिका का विमोचन

आराधना पर्व के प्रथम दिवस श्री मौनतीर्थ पीठ स्थित समाधि मंदिर में ब्रह्मलीन ब्रह्मर्षि श्रीश्री मौनीबाबा महाराज का विधिवत अभिषेक पूजन, महाआरती तथा महामृत्युंजय महायज्ञ संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर गुरुदेव के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इसके पश्चात भक्तों और शिष्यों के लिए महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इसी अवसर पर आश्रम से प्रकाशित ‘मानस अर्चन’ मासिक पत्रिका का विधिवत विमोचन किया गया।

वैदिक ज्ञान और भगवद्गीता पाठ का अद्भुत संगम

आराधना पर्व के अंतर्गत वैदिक परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की भावना से राष्ट्रीय वेद मंत्र अंत्याक्षरी का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न वेद पाठशालाओं के वेद पाठी बटुकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वैदिक ज्ञान और स्मरण शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन किया। ब्रह्मर्षि श्रीश्री मौनीबाबा वेद पाठशाला के पूर्व वेद बटुकों का सम्मेलन भी आयोजित हुआ, जिसमें देशभर से आए पूर्व छात्रों ने गुरुकुल जीवन की स्मृतियां साझा कीं। इस अवसर पर गीता श्लोक पाठ का विशेष आयोजन हुआ, जिसमें 60 से अधिक बालिकाओं ने एक साथ भगवद्गीता के श्लोकों का सस्वर पाठ कर वातावरण को अत्यंत भक्तिमय बना दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो. अर्पण भारद्वाज तथा उज्जैन-आलोट संसदीय क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया उपस्थित रहे। इस अवसर पर बाबा के जीवन, साधना और आध्यात्मिक योगदान पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया, जिसका निर्देशन मुंबई के प्रसिद्ध फिल्मकार डॉ. शुभंकर घोष ने किया है। इसके पश्चात सुप्रसिद्ध भजन गायक घनश्याम वासवानी ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। प्रतिभा संगीत कला संस्थान उज्जैन की छात्रा ईशानी भट्ट ने गुरुवंदना एवं शिव वंदना पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।

वैदिक चर्चा एवं विद्वानों का सारस्वत सम्मान

आराधना पर्व के द्वितीय दिवस वैदिक चर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता वेद अध्ययनशाला के अतिथि व्याख्याता डॉ. महेंद्र पंड्या ने वैदिक परंपरा, गुरु-शिष्य संबंध और सनातन संस्कृति के महत्व पर विचार रखे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ज्योतिषाचार्य उज्जैन पं. चंदन व्यास उपस्थित रहे। इसी दिन ब्रह्मर्षि श्रीश्री मौनीबाबा वेद पाठशाला की स्मारिका ‘शाश्वती’ का विमोचन किया गया और पूर्व छात्रों का सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित हुआ। आराधना पर्व के दौरान नगर के प्रकांड वैदिक विद्वानों का सारस्वत सम्मान भी किया गया। इसमें महर्षि सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन के पूर्व कोषाध्यक्ष डॉ. केदारनाथ शुक्ल, विक्रम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. बालकृष्ण शर्मा तथा कालिदास अकादमी के पूर्व निदेशक डॉ. संतोष पंड्या का सम्मान कर उनके योगदान का अभिनंदन किया गया।

भक्ति संगीत और मनोहारी नृत्य से दर्शक हुए भावविभोर

संध्या समय आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में महर्षि सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन के सचिव प्रो. विरूपाक्ष वि. जड्डीपाल तथा महर्षि पाणिनी वैदिक एवं संस्कृत विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो. शिवशंकर मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रख्यात नृत्यांगना खुशबू पांचाल ने अपनी मनोहारी नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को अभिभूत किया। मुंबई की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका सोमा घोष और विवेक प्रकाश ने भक्ति संगीत की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

पूरे दो दिवसीय आयोजन के दौरान श्री मौनतीर्थ पीठ परिसर में आध्यात्मिक श्रद्धा, वैदिक परंपरा और सांस्कृतिक गरिमा का अद्भुत संगम देखने को मिला। देशभर से आए भक्तों ने ब्रह्मर्षि श्रीश्री मौनीबाबा महाराज के चरणों में श्रद्धा अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

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