पाठशाला

भारत में महिला के बिना कोई दिवस नहीं होता: सभापति कलावती यादव

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में नारी अलंकरण समारोह संपन्न, विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाएं सम्मानित

उज्जैन। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में सम्राट विक्रमादित्य नारी अलंकरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर निगम सभापति कलावती यादव ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भले ही एक दिन का हो, लेकिन भारत में महिला के बिना कोई दिवस पूर्ण नहीं होता। उन्होंने कहा कि महिला हमारी संस्कृति में परिवार की धुरी और उसे बांधने वाली अहम कड़ी है। समाज और परिवार में महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि है और आज हर क्षेत्र में पुरुषों द्वारा महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाना हर्ष का विषय है।

​समारोह की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं ने अपने कौशल से हर क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। वे पारिवारिक उत्तरदायित्वों के साथ-साथ अपने कार्यस्थल पर भी उसी ऊर्जा और समर्पण से कार्य करती हैं। भारतीय संस्कृति के अनुरूप पुरुषों द्वारा महिलाओं का सम्मान करना गौरवशाली परंपरा है। इसी भाव के साथ इस कार्यक्रम के आयोजन का उत्तरदायित्व छात्रों और शिक्षकों को सौंपा गया।

​स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम संयोजक डॉ. ज्योति उपाध्याय, अध्यक्ष समाजशास्त्र एवं समाज कार्य अध्ययनशाला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, योगदान और उपलब्धियों को सम्मान देने का अवसर है। कार्य परिषद सदस्य डॉ. मंजूषा मिमरोट ने भी महिला दिवस पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर अजीत शरण ने अपने अनुभव साझा करते हुए गर्ल्स हॉस्टल में वाटर कूलर लगाने की घोषणा की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की कड़ी में डॉ. पल्लवी लोहानी ने कथक नृत्य के माध्यम से महिलाओं की ऐतिहासिक और वर्तमान स्थिति का प्रभावी चित्रण किया। वहीं छात्रा प्रियंका नरवरिया ने लाठी प्रदर्शन और नर्मदा धाकड़ ने योग प्रदर्शन के माध्यम से नारी शक्ति का परिचय दिया।

​सम्राट विक्रमादित्य नारी अलंकरण समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कला के क्षेत्र में पल्लवी लोहानी और लक्ष्मी कुशवाहा, खेल में फरहीन दहलवी, नर्मदा धाकड़, दुर्गेश नंदिनी एवं प्रियंका नरवरिया को सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में प्रोफेसर दीपिका गुप्ता, कर्णगी ठाकुर और यशी श्रीवास्तव को अलंकरण प्रदान किया गया। सामाजिक क्षेत्र के लिए डॉ. शिवी भसीन तथा प्रशासनिक क्षेत्र के लिए सुषमा संयम, पूजा इसरानी और कलावती को सम्मानित किया गया। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक परीक्षा में चयनित संगीता मिर्धा, कुसुम डूंगरवाल, पूजा शर्मा, मिटी शर्मा, पूजा बागड़ी, आयुषी नेहे, आयुषी सोनी, मीनू राठौर, वैष्णवी और सलोनी पवार को भी मंच से सम्मानित किया गया।

​कार्यक्रम का संचालन रुचिका खंडेलवाल के निर्देशन में तन्मय जैन और प्रथम बड़वेले ने किया। आभार प्रदर्शन प्रोफेसर उमा शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. कमलेश दशोरा, डॉ. एसके मिश्रा, डॉ. संग्राम भूषण, डॉ. कनिया, डॉ. बुनकर, राज बोरिया, डॉ. जफर महमूद, डॉ. अंजली श्रीवास्तव, डॉ. नयनतारा डामोर सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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