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भारत विकास परिषद महानगर के त्रिदिवसीय दिव्यांग सहायतार्थ शिविर में 570 दिव्यांगों को मिले उपकरण

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की मौजूदगी में त्रिदिवसीय शिविर का समापन, 'नर सेवा ही नारायण सेवा' का दिखा अद्भुत स्वरूप

उज्जैन। ‘नर सेवा ही नारायण सेवा है’ के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए भारत विकास परिषद उज्जैन महानगर द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय दिव्यांग सहायतार्थ शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस शिविर में 570 दिव्यांगजनों को कृत्रिम हाथ, पैर, व्हील चेयर, ट्राईसाइकिल और कैलीपर सहित विभिन्न उपकरणों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और विशेष अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद व वरिष्ठ भाजपा नेता रघुनंदन शर्मा उपस्थित थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत विकास परिषद के जिला समन्वयक श्याम बंसल ने की। इस अवसर पर उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, घटिया विधायक सतीश मालवीय और भाविप के राष्ट्रीय चेयरमैन (प्रकाशन) अरविंद बंडी विशेष रूप से मौजूद रहे। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने परिषद के इस सेवा कार्य को अन्य सामाजिक संस्थाओं के लिए प्रेरणादायी बताया। साथ ही उन्होंने दिव्यांगों के लिए सरकार द्वारा दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की विस्तृत जानकारी भी दी। वहीं, रघुनंदन शर्मा ने इस शिविर को पीड़ित मानवता की सच्ची सेवा बताते हुए आयोजकों को बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम संयोजक भगवान शर्मा और पराग काबरा ने बताया कि इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में आयोजक मंडल के सुनील लवांगीकर, प्रकाश चित्तौड़ा, ओमप्रकाश गर्ग, श्याम माहेश्वरी, दिनेश महाजन, विजय सुराना, संजीव आचार्य, खेमजी भाई चंदन, अजय मिश्रा, आरती खरे, दीपक राजवानी, राजा मजावदिया, विट्ठल नागर, चिराग शाह और उम्मेद नागर की सक्रिय भूमिका रही।

इसके अलावा शिविर के सफल संचालन में ईश्वर पटेल, ओमप्रकाश गुप्ता, श्याम माहेश्वरी, स्वप्निल पेंढारकर, डॉ. अविनाश बुंदीवाल, संजय अग्रवाल, अभिषेक गोयल, संदीप पांडे, अनिल वैष्णव, रविंद्र मुले, माया शर्मा, अभिषेक बजाज, निलेश शर्मा, मुकेश लखवानी और सुभाष मित्तल का सराहनीय योगदान रहा।

इस दौरान अतिथियों ने भगवान महावीर विकलांग सेवा समिति द्वारा प्रदान किए गए सहयोग और सेवा के लिए सभी चिकित्सकों को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रांतीय महिला प्रमुख पूजा-देवेंद्र चित्तौड़ा और तनु-रुद्रेश शर्मा ने किया, जबकि आभार भगवान शर्मा ने माना।

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