गायत्री परिवार जिला समन्वय समिति का पुनर्गठन, रामप्रसाद सरिया को मिला जिला समन्वयक का दायित्व
शांतिकुंज के निर्देश पर 11 तहसीलों के प्रतिनिधियों को सौंपे गए विभिन्न प्रभार; 19 मार्च को गुड़ी पड़वा पर होगा सामूहिक सूर्य अर्घ्य दान

उज्जैन: अखिल विश्व गायत्री परिवार की उज्जैन जिला समन्वय समिति का पुनर्गठन किया गया है। शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देशानुसार गायत्री शक्तिपीठ उज्जैन में आयोजित एक गोष्ठी में श्री राम प्रसाद सरिया को नवीन जिला समन्वयक का दायित्व सौंपा गया। इस संगठन विस्तार का मुख्य उद्देश्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के ‘युग परिवर्तन’ के संदेश और विभिन्न रचनात्मक कार्यों को जन-जन तक पहुंचाना है।
इन प्रतिनिधियों को सौंपे गए जिला स्तर के दायित्व
गोष्ठी के दौरान जिले की 11 तहसीलों के प्रतिनिधियों को विभिन्न अभियानों की जिम्मेदारी सौंपी गई। इनमें जे.पी. यादव को सह-समन्वयक व पदेन व्यवस्थापक शक्तिपीठ, नरेंद्र सिंह सिकरवार को जिला सह-समन्वयक, दिनेश पोरवाल को मंडल विस्तार अभियान, श्रीमती ज्योति शर्मा को नारी जागरण अभियान और श्रीमती उर्मिला तोमर को ‘आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी’ का प्रभार दिया गया। इसके साथ ही डॉ. शशिकांत शास्त्री को युवा जोड़ो अभियान, बंसीलाल शर्मा को भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, श्याम लाल जोशी को साधना एवं स्वाध्याय अभियान, बाबूलाल बाड़ोलिया को पर्यावरण एवं जल संरक्षण अभियान, सुभाष पाटीदार को शिक्षा एवं बाल संस्कार शाला का दायित्व मिला। वहीं, वासुदेव मारू को स्वावलंबन एवं शिक्षण प्रशिक्षण, सत्यनारायण सोलंकी को नशा व्यसन कुरीति उन्मूलन एवं आदर्श ग्राम, नंदकिशोर पाटीदार को साहित्य एवं पत्रिका विस्तार तथा डॉ. अरुण सोनी को स्वास्थ्य प्रकल्प की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गुरु का अनुशासन जीवन में उतारना ही लक्ष्य
इस अवसर पर शांतिकुंज से पधारे प्रतिनिधि प्रमोद वार्चे ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन का लक्ष्य पूर्णता प्राप्त करना है, जो ज्ञान से ही संभव है। उन्होंने बताया कि मनुष्य शरीर, परमात्मा के प्रति अनुराग और गुरु की प्राप्ति— ये मनुष्य जीवन के तीन सबसे बड़े सौभाग्य हैं। गुरु के अनुशासन को जीवन में उतारकर एक अच्छी परंपरा को आगे बढ़ाना ही हमारा उद्देश्य होना चाहिए। कार्यक्रम में शक्तिपीठ प्रभारी जे.पी. यादव ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया तथा वर्तमान जिला समन्वयक नरेंद्र सिंह सिकरवार ने जिले का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समिति गठन की कार्यवाही का संचालन प्रभाकर सोनोने ने और समग्र कार्यक्रम का संचालन मनोहर बेलावत ने किया।
नववर्ष ‘गुड़ी पड़वा’ पर होगा सामूहिक सूर्य अर्घ्य दान
‘अपनी संस्कृति अपना त्योहार’ की गौरवशाली परंपरा के तहत प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी हिंदू नववर्ष के अवसर पर भव्य आयोजन किया जाएगा। आगामी 19 मार्च 2026 को सुबह 6 बजे से 7 बजे तक कालिदास अकादमी स्थित कमल सरोवर पर सामूहिक सूर्य अर्घ्य दान होगा। इसमें सामूहिक प्रार्थना, ध्यान, मंगल ध्वनि और सूर्य को अर्घ्य देकर नववर्ष का अभिनंदन किया जाएगा।



