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उज्जैन कृषि उपज मंडी में हम्माल-तुलावटियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, कामकाज पूरी तरह ठप

भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में लामबंद हुए श्रमिक; 9 साल से मजदूरी न बढ़ने से है आक्रोश

उज्जैन: कृषि उपज मंडी उज्जैन में हम्माल एवं तुलावटी श्रमिकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ कर दिया है। भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में शुरू हुए इस बड़े आंदोलन के चलते मंडी का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है।

मांगें पूरी होने तक बंद रहेगी मंडी

भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री किशन सिंह शेखावत ने बताया कि हम्माल और तुलावटी श्रमिकों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। अब श्रमिकों ने अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष का रास्ता चुना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक श्रमिकों की न्यायोचित मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा और कृषि उपज मंडी बंद रहेगी।

ये हैं श्रमिकों की प्रमुख मांगें

शेखावत के अनुसार, पिछले लगभग 9 वर्षों से मजदूरी दरों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। श्रमिकों की प्रमुख मांगों में मजदूरी में तत्काल बढ़ोतरी करना और बड़े तोल कांटों से प्राप्त होने वाली राशि तुलावटी श्रमिकों को प्रदान करना शामिल है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के श्रम का सम्मान करने और उन्हें अधिकार दिलाने के लिए भारतीय मजदूर संघ पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है।

आंदोलन में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

आंदोलन के दौरान श्रमिकों में भारी उत्साह और एकजुटता देखने को मिली। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से भारतीय मजदूर संघ उड़ीसा प्रदेश के अध्यक्ष बादल सिंह, विभाग प्रमुख सतीश शर्मा, तुलावटी संघ अध्यक्ष मोहन जायसवाल, वरिष्ठ साथी अब्दुल हाफ़िज़, विजय बैरागी, कैलाश तगदी, दिलीप नामदेव, राजेश जादव, शेर खान, देवेंद्र जोशी, मांगीलाल मीणा, रोहित मीणा, अमर सिंह, रुगनाथ मीणा और रामचंद्र गंगोलिया सहित बड़ी संख्या में हम्माल एवं तुलावटी श्रमिक उपस्थित रहे।

​भारतीय मजदूर संघ ने सभी अन्य श्रमिक संगठनों और कार्यकर्ताओं से भी आह्वान किया है कि वे आंदोलन स्थल पर पहुंचकर श्रमिक एकता को मजबूत करें और इस न्यायपूर्ण संघर्ष को सफल बनाने में अपना योगदान दें।

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