सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी, बदमाशों ने लगाया अपना ताला; टीआई बोले- ‘हम कुछ नहीं कर सकते, कोर्ट जाओ’
ऑपरेशन के लिए बाहर गया था परिवार, पीछे से हुई वारदात

उज्जैन। शहर के चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र स्थित तिरुपति धाम कॉलोनी में एक सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी और उस पर अवैध कब्जे के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हद तो तब हो गई जब पीड़ित परिवार न्याय के लिए थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया। थाना प्रभारी (टीआई) ने पीड़ित से फोन पर दो टूक कह दिया कि “हम इस मामले में कुछ नहीं कर सकते, तुम कोर्ट चले जाओ।” पीड़ित के पास पुलिस के इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।
तिरुपति धाम कॉलोनी निवासी राहुल मालवीय (पिता कैलाश मालवीय) ने बताया कि 8 मार्च 2026 को वे अपनी आंखों का ऑपरेशन करवाने के लिए नीमच गए हुए थे। उसी दिन दोपहर करीब 3 बजे जब उनकी माता जय श्री मालवीय घर लौटीं, तो मुख्य दरवाजे की कुंडी टूटी हुई थी और बाहर की ओर एक नया ताला लगा हुआ था। खिड़की से अंदर झांककर देखा तो घर का सारा कीमती सामान, जेवरात, नकदी और अन्य घरेलू वस्तुएं गायब थीं।
पड़ोसी पर मिलीभगत का संदेह, दो अन्य पर वारदात का आरोप
राहुल के अनुसार, सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने घर के अंदर जाने की चाबी अपने पड़ोसी नरेश अग्रवाल को दी थी। जब उनकी माता ने नरेश से चाबी मांगी, तो उसने बताया कि उसके पास सिर्फ एक ताले की चाबी है, बाकी ताले रोहित नवरंग और अंकित वर्मा ने तोड़ दिए हैं। नरेश ने ही बताया कि रोहित और अंकित घर का सारा सामान निकालकर ले गए हैं और उन्होंने ही बाहर अपना ताला लगा दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि चूंकि चाबी नरेश के पास थी और उसे पूरी घटना की जानकारी थी, इसलिए इस वारदात में उसकी भूमिका भी संदेहास्पद है। राहुल को अंदेशा है कि नरेश भी रोहित और अंकित के साथ इस साजिश में शामिल हो सकता है।
पुलिस का निराशाजनक रवैया, न्याय के लिए भटक रहा परिवार
घटना के तुरंत बाद जय श्री मालवीय चिमनगंज मंडी थाने पहुंचीं और लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। इसके बाद राहुल मालवीय ने खुद टीआई को फोन कर घटना की पूरी जानकारी दी और एफआईआर दर्ज करने का निवेदन किया। लेकिन थाना प्रभारी ने पल्ला झाड़ते हुए उन्हें कोर्ट जाने की नसीहत दे दी।
राहुल का कहना है कि पुलिस के इस रवैये से आम जनता का व्यवस्था पर से विश्वास उठ रहा है। उनका पूरा परिवार डरा हुआ है। पीड़ित परिवार ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रोहित नवरंग, अंकित वर्मा और नरेश अग्रवाल के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए, निष्पक्ष जांच हो और उनका चोरी गया सामान जल्द से जल्द बरामद करवाया जाए।



