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रामघाट पर गूंजा ‘सशक्त नारी, सुरक्षित समाज’ का संदेश: बालिकाओं ने दिखाया शौर्य

संस्था कार्ड और पुलिस प्रशासन का संयुक्त आयोजन; थाना प्रभारियों ने दी साइबर सुरक्षा और आत्मरक्षा की सीख

रामघाट पर दिखा बेटियों का शौर्य; महिला थाना प्रभारी बोलीं- सोशल मीडिया पर न डालें निजी जानकारी, अनजानों को न बनाएं दोस्त
उज्जैन | ‘सशक्त नारी-सुरक्षित समाज’ के संदेश के साथ रामघाट पर मंगलवार (10 मार्च) को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का खास आयोजन किया गया। सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (कार्ड) संस्था और पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में बालिकाओं ने आत्मरक्षा के गुर दिखाए। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं और बच्चियों को साइबर ठगी व सोशल मीडिया के खतरों से बचने के टिप्स दिए। महिलाओं के लिए मनोरंजक गेम्स भी आयोजित किए गए।
साइबर सुरक्षा और सेल्फ डिफेंस पर जोर
कार्यक्रम में महिला थाना प्रभारी लीला सोलंकी ने साइबर क्राइम को लेकर अलर्ट किया। उन्होंने समझाइश दी कि सोशल मीडिया का उपयोग सिर्फ काम के लिए करें और वहां अपनी कोई भी निजी जानकारी शेयर न करें। किसी अनजान को फ्रेंड रिक्वेस्ट न भेजें और न ही एक्सेप्ट करें। बच्चियों से कहा गया कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर बेझिझक अपने परिवार को बताएं। देवास गेट थाना प्रभारी अनीता ने सेल्फ डिफेंस को आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया और सभी लड़कियों से आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेने की अपील की।
इन्हें मिला सम्मान
आयोजन के दौरान हुए खेलों और प्रदर्शन के आधार पर बच्चियों को पुरस्कृत किया गया। इसमें टीना अहिरवार ने प्रथम, कोमल ने द्वितीय और खुशी माली ने तृतीय पुरस्कार हासिल किया।
कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में महिला थाना प्रभारी लीला सोलंकी, देवास गेट थाना प्रभारी अनीता, एसपी कार्यालय की महिला सुरक्षा शाखा से अंकित, महिला बाल विकास से प्रियंका, महिला थाना विवेचक रेणु शर्मा, डॉ. आभा शर्मा, अवंतिका नारी शक्ति तीर्थ क्लब की अध्यक्ष प्रियंका जोशी, जन अभियान परिषद से वैशाली चौहान, आदित्य मानव विकास शोध संस्थान से अंजना शुक्ला, राज्य आनंद संस्थान से जितेंद्र व रंजना मालवीय उपस्थित रहे। इनके अलावा देवी अवंतिका समिति से आत्मरक्षा प्रशिक्षक करुणा शितोले, महिला ई-रिक्शा चालक सीमा वर्मा व संगीता धवले, वॉलेंटियर छवि कदम, शशिकला राठौर, माधुरी शर्मा, मोना शिंदे, हेमा और कविता मौजूद रहीं। कार्ड संस्था की ओर से परियोजना समन्वयक अमृता चतुर्वेदी और जैनुल आब्दीन हुसैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही संस्था से ट्रेनिंग लेने वाली बड़ी संख्या में बालिकाएं भी शामिल हुईं।

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