चम्मच में माया का ‘योग’, चेयर रेस में पूजा रही अव्वल
चित्रकला, रांगोली में नंदनी ने दिखाया कमाल, प्रियंका, हरित, गुंजन, श्रुति, श्रीनीति रही श्रेष्ठ

उज्जैन। श्री चिड़ार समाज के नववर्ष मिलन समारोह में महिलाओं एवं बच्चों के बीच खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। चेयर रेस, चम्मच रेस के साथ ही चित्रकला, रांगोली प्रतियोगिता में भी समाज के बच्चों ने अपना हूनर दिखाया। प्रतियोगिता में विजेता रहे सभी प्रतिभागियों को समाज संरंक्षक रहे स्व. श्री हरिनारायण हनुमन्तैयाजी की स्मृति में पुरस्कार प्रदान किये गए।

संयोजक कमलेश धंधेरे एवं सचिन मगरे ने बताया कि महिलाओं की संख्या अधिक होने के कारण चम्मच रेस दो हिस्सों में आयोजित की गई जिसमें पहली प्रतियोगिता में प्रथम प्रीति आठिया, द्वितीय मंगला आठिया तथा तृतीय स्थान पर सुनीता मगरिया रही। वहीं दूसरी प्रतियोगिता में प्रथम माया गोईया, द्वितीय दीपिका चंदेल तथा तृतीय स्नेहा चंदेल रही। फाईनल चम्मच रेस में प्रथम माया गोईया, द्वितीय मंगला आठिया तथा तीसरे स्थान पर सुनीता मगरिया रहीं। महिलाओं की चेयर रेस में प्रथम पूजा गेहलोत, द्वितीय मधु बरहा, तृतीय शकुंतला हनुमन्तैया रहीं। बालिकाओं की चेयर रेस में प्रथम प्रियंका चिड़ार, द्वितीय सोनाक्षी आठिया तथा तृतीय स्थान पर पूनम चड़ार रही। बच्चों की चम्मच रेस तीन हिस्सों में हुई जिसमें प्रथम गुंजन आठिया, श्रुति गेहलोत, हरित आठिया, द्वितीय कुश गोईया, प्रीति हनुमन्तैया, प्रियांश आठिया, तृतीय जान्हवी आठिया, सोनाक्षी आठिया और रौनक चिड़ार रहे। बच्चों की चेयर रेस में प्रथम श्रीनीति हनुमन्तैया, द्वितीय आराध्या आठिया तथा तृतीय हरित आठिया रहे। चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम नंदनी मगरिया, द्वितीय आराध्या आठिया तथा तृतीय सोनाक्षी आठिया रहीं। रांगोली प्रतियोगिता में प्रथम नंदनी मगरिया, द्वितीय दीपिका तथा तृतीय स्थान पर प्रीति हनुमन्तैया रहीं। रांगोली, चित्रकला प्रतियोगिता में निर्णायक समाज के पूर्व अध्यक्ष प्रभुसिंह चित्तौड़िया, समाज के वरिष्ठ हरिशचंद्र आठिया, दिलीप गेहलोत रहे। वहीं अन्य प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका सुनीता आठिया ने निभाई। प्रतियोगिताओं का संचालन संदीप हनुमन्तैया ने किया।

सभी विजेता प्रतियोगियों को समाज संरक्षक पुरषोत्तम मगरे, पूर्व अध्यक्ष भगवानदास ब्राह्मनिया, समाज के वरिष्ठ प्रेमनारायण बरहा, शैलेंद्र हनुमन्तैया, प्रदीप गोईया, शिवदयाल बेलिया, नारायण आठिया, ओमप्रकाश ब्राह्मनिया, मोहन चंदेल, सन्नी गोईया द्वारा सम्मानित किया गया।



