गपशप
नदियों और पर्यावरण संरक्षण के लिए मालव रक्षा अनुष्ठान का आमरण अनशन स्थगित
सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, सिंहस्थ 2028 से पूर्व शिप्रा-गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की मांग; कई राजनेताओं, अधिवक्ताओं और संतों की अपील पर लिया गया निर्णय

नई दिल्ली/उज्जैन। गाय, गंगा, गौरी और वसुंधरा के पर्यावरण संरक्षण तथा गोचर और शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण के विरुद्ध 23 मार्च, यानी शहीद भगत सिंह और उनके साथियों के शहादत दिवस से जंतर-मंतर पर प्रस्तावित मालव रक्षा अनुष्ठान का आमरण अनशन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अनुष्ठान के संयोजक आचार्य सत्यम ने खाड़ी युद्ध की स्थिति और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक नेताओं की अपील के बाद यह निर्णय लिया है। भारत और मध्य प्रदेश सरकार को इन गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए समय दिया गया है। हालांकि, इस बीच जन-जागरण और शिप्रा पदयात्रा की तैयारियों का अनुष्ठान जारी रहेगा।
सांसद ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, रखीं ये प्रमुख मांगें
संग्रामी सांसद संजय सिंह ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए उज्जैन आकर संघर्ष में शामिल होने का वचन दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जन-समस्याओं पर उचित कार्रवाई की मांग की है। प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से मांग की गई है कि ‘राष्ट्रीय नदी बचाओ योजना’ को मनरेगा के अंतर्गत लागू किया जाए। वर्ष 2028 के उज्जैन सिंहस्थ से पूर्व शिप्रा और गंगा सहित सभी प्रमुख नदियों को प्रदूषण मुक्त करने और नदियों के तटों पर सघन वृक्षारोपण एवं गोपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। इसके अतिरिक्त, उज्जैन में एक ‘अंतर्राष्ट्रीय गो-विज्ञान एवं पर्यावरण प्रशिक्षण संस्थान’ की स्थापना और सामाजिक सुधारों से संबंधित कठोर वैधानिक प्रावधान लागू करने की मांग भी की गई है।
इन नेताओं, अधिवक्ताओं और संतों की अपील पर टला अनशन
अधिवक्ता मोहनलाल पांडे और जे.आर. माहुरकर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आचार्य सत्यम ने अपना प्रस्तावित अनशन आगामी निर्णय तक स्थगित किया है। अनशन स्थगित कर सरकारों को समय देने की अपील समाजवादी नेता रघु ठाकुर, ग्वालियर के पूर्व विधायक बृजेंद्र तिवारी, अरुण प्रताप सिंह अधिवक्ता महासचिव फॉरवर्ड ब्लॉक मध्य प्रदेश सतना, गुजरात भारतीय ट्राइबल पार्टी के नेता छोटू भाई वसावा और संत बालीनाथ सरस्वती ने की थी।
इसके साथ ही लोकतंत्र सेनानी संगठन के शाजापुर एवं आगर मालवा जिला अध्यक्ष रमेश परमार, मंडल अभिभाषक संघ उज्जैन के वर्तमान अध्यक्ष ओम सारवान तथा पूर्व अध्यक्ष अशोक यादव, आम आदमी पार्टी के नेता एवं शाजापुर के अधिवक्ता विवेक शर्मा, उत्तर प्रदेश के समाजवादी नेता निसार अहमद और उज्जैन के अधिवक्ता खालिक मंसूरी सहित कई अन्य लोगों ने भी अनशन टालने का आग्रह किया था।
सांसद ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, रखीं ये प्रमुख मांगें
संग्रामी सांसद संजय सिंह ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए उज्जैन आकर संघर्ष में शामिल होने का वचन दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जन-समस्याओं पर उचित कार्रवाई की मांग की है। प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से मांग की गई है कि ‘राष्ट्रीय नदी बचाओ योजना’ को मनरेगा के अंतर्गत लागू किया जाए। वर्ष 2028 के उज्जैन सिंहस्थ से पूर्व शिप्रा और गंगा सहित सभी प्रमुख नदियों को प्रदूषण मुक्त करने और नदियों के तटों पर सघन वृक्षारोपण एवं गोपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। इसके अतिरिक्त, उज्जैन में एक ‘अंतर्राष्ट्रीय गो-विज्ञान एवं पर्यावरण प्रशिक्षण संस्थान’ की स्थापना और सामाजिक सुधारों से संबंधित कठोर वैधानिक प्रावधान लागू करने की मांग भी की गई है।
इन नेताओं, अधिवक्ताओं और संतों की अपील पर टला अनशन
अधिवक्ता मोहनलाल पांडे और जे.आर. माहुरकर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आचार्य सत्यम ने अपना प्रस्तावित अनशन आगामी निर्णय तक स्थगित किया है। अनशन स्थगित कर सरकारों को समय देने की अपील समाजवादी नेता रघु ठाकुर, ग्वालियर के पूर्व विधायक बृजेंद्र तिवारी, अरुण प्रताप सिंह अधिवक्ता महासचिव फॉरवर्ड ब्लॉक मध्य प्रदेश सतना, गुजरात भारतीय ट्राइबल पार्टी के नेता छोटू भाई वसावा और संत बालीनाथ सरस्वती ने की थी।
इसके साथ ही लोकतंत्र सेनानी संगठन के शाजापुर एवं आगर मालवा जिला अध्यक्ष रमेश परमार, मंडल अभिभाषक संघ उज्जैन के वर्तमान अध्यक्ष ओम सारवान तथा पूर्व अध्यक्ष अशोक यादव, आम आदमी पार्टी के नेता एवं शाजापुर के अधिवक्ता विवेक शर्मा, उत्तर प्रदेश के समाजवादी नेता निसार अहमद और उज्जैन के अधिवक्ता खालिक मंसूरी सहित कई अन्य लोगों ने भी अनशन टालने का आग्रह किया था।



