धर्म-कर्म

देश और उज्जैन की सुख-समृद्धि के लिए संपन्न हुआ बगलामुखी अनुष्ठान

ज्योतिषाचार्य अर्चना सरमंडल ने पूरा किया 29वां पुरश्चरण, 29 लाख मंत्रों से की देवी की आराधना

ऋषिनगर स्थित संस्थान में शुभ संयोग के बीच हुई सप्त कुंडीय महायज्ञ की पूर्णाहुति
उज्जैन। उज्जैन और देश की आर्थिक व सामाजिक सुख-समृद्धि की कामना के साथ बुधवार 25 मार्च को सप्तमी तिथि पर वृहद बगलामुखी अनुष्ठान संपन्न हुआ। ऋषिनगर स्थित बगलामुखी ज्योतिष संस्थान में ज्योतिषाचार्य एवं बगलामुखी साधक अर्चना सरमंडल द्वारा यह अनुष्ठान किया गया। इस अवसर पर तीन सर्वार्थसिद्धि और दो रवि योग के विशेष संयोग में शहर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
एकांतवास में रहकर पूर्ण किया सवा लाख जाप
साधक अर्चना सरमंडल ने बताया कि हर नवरात्रि की तरह इस बार भी उन्होंने एकांतवास में रहकर देवी के सवा लाख मंत्रों का जाप पूर्ण किया। इसके साथ ही उनका 29वां पुरश्चरण भी संपन्न हो गया है। अब तक 29 लाख मंत्रों से देवी की आराधना की जा चुकी है। बुधवार को सप्तमी तिथि की रात्रि में सप्त कुंडीय अनुष्ठान के माध्यम से इसकी पूर्णाहुति की गई। पूर्णाहुति के अवसर पर देवी से उज्जैन और पूरे देश की सुख-समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की गई।
जनहित में किया जाता है सिद्धि का प्रयोग
अनुष्ठान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अर्चना सरमंडल ने बताया कि देवी बगलामुखी अष्टम महाविद्या हैं, जो स्वर्ण आसन पर विराजित हैं। वे मारण, मोहन, वशीकरण और उच्चाटन आदि शक्तियों से सुसज्जित हैं। देवी अपने भक्तों को कभी पराजित नहीं होने देतीं। सर्वत्र विजय, गुप्त शत्रु बाधा और तंत्र-मंत्र निवारण, मान-प्रतिष्ठा प्राप्ति तथा रोग मुक्ति के लिए देवी बगलामुखी का अनुष्ठान किया जाता है। उन्होंने बताया कि वे हर नवरात्रि में यह साधना करती हैं और सिद्धि प्राप्त करने के पश्चात इसका उपयोग केवल जनता के हित और कल्याण के लिए किया जाता है।

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