कंट्रोवर्शियल

महाकाल मंदिर में गेट नंबर 4 से प्रवेश रोकने पर आक्रोश

महाकाल भक्तों ने दी चेतावनी, नित्य दर्शनार्थियों की दर्शन व्यवस्था गेट नंबर 4 से ही रखी जाए, वरना बुधवार को होगा बड़ा आंदोलन

उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में नित्य दर्शनार्थियों को गेट नंबर 4 से प्रवेश देने पर रोक लगाने और अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर नित्य दर्शनार्थी भक्त मंडल ने मंदिर प्रशासक को ज्ञापन सौंपा है। भक्त मंडल के अध्यक्ष रवि राय के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि नित्य दर्शनार्थियों की दर्शन व्यवस्था गेट नंबर 4 से ही रखी जाए, वरना बुधवार को बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
रवि राय ने बताया कि 29 मार्च को नित्य दर्शनार्थियों को गेट नंबर 4 से प्रवेश नहीं करने दिया गया और उन्हें गेट नंबर 1 से जाने के लिए कहा गया। इस नई व्यवस्था से भक्तों को काफी परेशानी हुई और वे मंदिर परिसर स्थित कोटेश्वर महादेव के दर्शन से भी वंचित रह गए।
सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार और सुविधाओं पर उठाए सवाल
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी भक्तों के साथ अभद्रता करते हैं, अतः उन्हें हटाया जाए। साथ ही सेना की वर्दी जैसी ड्रेस पहनने वाले गार्ड्स की ड्रेस में बदलाव की मांग की गई है। गर्मी के कारण गेट नंबर 1 और मानसरोवर गेट पर भक्तों के पैर जलने की समस्या का उल्लेख करते हुए वहां पेयजल, छाया और स्थायी जूते-चप्पल स्टैंड की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा गेट नंबर 4 के सामने कई दिनों से बंद पड़े दीवार के निर्माण कार्य को भी जल्द पूरा करने की बात कही गई है।
निशुल्क लड्डू प्रसादी और विष्णु प्रतिमा की स्थापना की मांग
भक्त मंडल ने प्रमुख मांग रखते हुए कहा है कि संध्या आरती और शयन आरती में जो 250 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है, उसके बदले भक्तों को लड्डू का प्रसाद निशुल्क दिया जाना चाहिए। शंख द्वार के सामने से हटाई गई भगवान विष्णु की प्रतिमा को तत्काल किसी अन्य स्थान पर पुनः स्थापित करने, परिसर स्थित प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार करने, नंदी के आसपास से बैरिकेड्स हटाने और नित्य दर्शनार्थियों के नवीन आवेदनों को स्वीकृति प्रदान करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
वकीलों, महिलाओं और भक्तों ने दर्ज कराया विरोध
इस ज्ञापन में बड़ी संख्या में वकीलों, महिलाओं और भक्तों ने अपने हस्ताक्षर कर समर्थन जताया है। इनमें रवि राय, महेंद्र कटियार, अधिवक्ता मनीष मनाना और अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह परिहार सहित कई वकील मौजूद रहे। महिलाओं में पिंकी यादव, मंजू शर्मा, अल्का मिश्रा, साधना चौहान, रेखा मिश्रा, ज्योति चौहान, रूपाली अग्रवाल, गायत्री कुशवाह, चंद्रकांता मीणा, निशा राठौर और आशा सूर्यवंशी शामिल थीं। इसके साथ ही अनुदीप गंगवार, जितेंद्र सिंह गंगवार, प्रीतम सिंह चंदेल, अंकित भावसार, दीपक जोशी, रवि मेवाड़ा, ब्रजमोहन मिश्रा, गोपाल शर्मा और नीलेश शर्मा आदि ने भी अव्यवस्थाओं के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
रवि राय+91 94250 91792

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