धर्म-कर्म

संत निरंकारी मिशन ने स्थापना दिवस पर दिया सत्य, प्रेम और विश्व बंधुत्व का संदेश

1929 में बाबा बूटा सिंह और बाबा अवतार सिंह के ऐतिहासिक मिलन से हुई थी मिशन की शुरुआत

उज्जैन। संत निरंकारी मिशन द्वारा 25 मई को स्थापना दिवस मनाया गया। वर्ष 1929 में इसी दिन बाबा बूटा सिंह जी और बाबा अवतार सिंह जी का ऐतिहासिक मिलन हुआ था। इसी मिलन के साथ संत निरंकारी मिशन का प्रकटीकरण हुआ और मानवता को एक नई दिशा मिली।

मिशन के मुखी त्रिलोक बेलानी ने बताया कि बाबा बूटा सिंह जी ने गुरबाणी के प्रमाण देकर बाबा अवतार सिंह जी को निरंकार प्रभु के दर्शन कराए थे। उन्होंने बताया था कि यही निराकार परम पिता परमात्मा है, जो हर जगह परिपूर्ण है। ज्ञान प्राप्ति के अगले दिन जब दोनों सैर पर निकले, तो बाबा अवतार सिंह जी प्रभु स्मरण में इतने मग्न थे कि उन्होंने गुरु के प्रश्न भी नहीं सुने। उनकी इस एकाग्रता और भक्ति को देखकर बाबा बूटा सिंह जी अत्यंत प्रसन्न हुए और कहा कि उन्हें ऐसे ही शिष्य की खोज थी।

मीडिया सहायक विनोद गज्जर ने जानकारी दी कि वर्ष 1929 से 1943 तक गुरु और शिष्य की इस जोड़ी ने सत्य, प्रेम, नम्रता और विश्व बंधुत्व का संदेश पूरी मानवता तक पहुंचाया। इसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक शुरुआत के कारण 25 मई को मिशन के स्थापना दिवस के रूप में जाना जाता है।

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