भौतिकता और आध्यात्मिकता के समन्वय से भारत बनेगा विकसित राष्ट्र: डॉ. अतुल कोठारी
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की प्रांत संयोजकों की राष्ट्रीय बैठक का शुभारंभ

उज्जैन। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की दो दिवसीय प्रांत संयोजक राष्ट्रीय बैठक का शुभारंभ पुणे के ठाकरसी महिला विश्वविद्यालय परिसर में हुआ। न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी दृष्टि पश्चिम की दृष्टि नहीं है। विकास का अर्थ केवल आर्थिक विकास नहीं है। आर्थिक विकास के साथ समस्याएं बढ़ती हैं। भौतिकता और आध्यात्मिकता के समन्वय से ही भारत विकसित राष्ट्र बनेगा। भारत का विकास केवल सरकार की अवधारणा नहीं है। समाज के हर वर्ग को देश के विकास की चिंता करनी होगी। हमें संयुक्त रूप से देश के प्रति निष्ठा से कर्तव्यों को पूरा करना होगा। विकसित भारत के लिए शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा संस्थानों को महती भूमिका निभानी होगी।
यह जानकारी देते हुए न्यास के क्षेत्रीय प्रचार-प्रसार संयोजक डॉ. जफर महमूद ने बताया कि श्रीमती नाथी बाई दामोदर ठाकरसी महिला विश्वविद्यालय पुणे एवं डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय लोणेरे के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय बैठक के पांच सत्रों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, विकसित भारत हेतु शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा, ज्ञानसभा के आयोजन एवं शिक्षा के विभिन्न आयामों पर गहन मंथन हुआ। साथ ही सभी प्रांतों के वृत्त (रिपोर्ट) प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय संयोजक ए. विनोद, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. दीपक श्रीवास्तव, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलगुरु प्रो. आलोक चक्रवाल, न्यास के राष्ट्रीय सह संयोजक ओमप्रकाश शर्मा, संजय स्वामी, विवेकानंद विश्वविद्यालय सागर के अजय तिवारी, डॉ. राकेश ढांड, रामसागर मिश्रा और सुनील पण्ड्या ने संबोधित किया।
इस अवसर पर न्यास के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुरेश गुप्ता, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के कुलगुरु प्रो. राजेंद्र कुरारिया, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा, राय विश्वविद्यालय झारखंड के कुलपति प्रो. पियूष रंजन, गुजरात तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजुल रंजन, गुजरात साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. जयेंद्र जाधव, छपरा विश्वविद्यालय बिहार के कुलपति प्रो. प्रमेन्द्र कुमार वाजपेयी, राष्ट्रीय महिला संयोजक सुश्री शोभा पेठनकर, डॉ. गीता नायक, डॉ. राजीव पांड्या और प्रचार-प्रसार के राष्ट्रीय संयोजक अथर्व शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक में देश के 40 प्रांतों के 200 से अधिक दायित्ववान कार्यकर्ता सहभागिता कर रहे हैं।



