सतत विकास के लिए वैकल्पिक ईंधन समय की मांग, युवाओं को पर्यावरण संरक्षण का लेना होगा संकल्प
इको क्लब द्वारा ‘सतत ईंधन—भविष्य की अनिवार्य जरूरत’ विषय पर कार्यशाला आयोजित, पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की प्राचार्य ने दिया व्याख्यान

उज्जैन। शासकीय कालिदास कन्या महाविद्यालय में पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत इको क्लब द्वारा ‘सतत जीवन शैली’ पर एक प्रभावी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसी क्रम में ‘सतत विकास की राह में सतत ईंधन—भविष्य की अनिवार्य जरूरत’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला ने छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश प्रसारित किया।
इको क्लब प्रभारी डॉ. कविता जैन मंगलम् ने बताया कि कार्यशाला में मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की प्राचार्य डॉ. कल्पना सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्राओं को वर्ष 2030 के सतत विकास एजेंडे में ईंधन की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. सिंह ने 17 सतत विकास लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए वर्तमान समय में ईंधन संकट के समाधान हेतु वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों—जैसे पवन, सौर एवं जैविक ईंधनों—के उपयोग की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वन्दना गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मनुष्य के स्वार्थी स्वभाव को पर्यावरणीय क्षति का मूल कारण बताया। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा ही परिवर्तन के वास्तविक वाहक हैं, अतः उन्हें पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर छोटे-छोटे प्रयासों से इसे अपने व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा—
“हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि हम केवल पर्यावरण संरक्षण की बात ही नहीं करेंगे, बल्कि उसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएँगे—क्योंकि धरती हमें हमारे पूर्वजों से विरासत में नहीं मिली, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों से लिया गया ऋण है।”
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। प्राचार्य डॉ. वन्दना गुप्ता ने मुख्य अतिथि डॉ. कल्पना सिंह का मोतियों की माला एवं पौधा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. कविता जैन मंगलम् ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. भावना नागर ने किया। इस अवसर पर डॉ. मीना मोघे, डॉ. अंजना बुंदेला, डॉ. सरिता यादव, डॉ. सरोजनी टोपन्नो, डॉ. स्मिता देराश्री, डॉ. रूपाली झीनीवाल, प्रो. मधु राठौर, डॉ. अंजना जायसवाल, प्रो. मधु खंडेलवाल एवं डॉ. योगिता खटके सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।


