सशक्त युवा ही सशक्त भारत की नींव, विद्यार्थियों को बताए कानूनी अधिकार
विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, साइबर सुरक्षा और पॉश एक्ट की दी जानकारी

उज्जैन। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और अवनीश्री जनकल्याण एवं शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय ज्ञानपीठ महाविद्यालय में ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ विषय पर विधिक जागरूकता एवं युवा सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। नालसा जागृति योजना 2026 के अंतर्गत हुए इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों, साइबर व लैंगिक सुरक्षा, बाल एवं महिला अधिकारों तथा मानसिक विकास के प्रति जागरूक करना था।
यह कार्यक्रम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष पी.सी. गुप्ता, सचिव मनोज कुमार भाटी और जिला विधिक अधिकारी अमित शर्मा के मार्गदर्शन में तथा तृतीय सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ खंड) सोनाक्षी चतुर्वेदी शर्मा के आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीलम महादिक ने की। शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद डॉ. गिरीश पंड्या ने संस्था का परिचय दिया।
प्रथम सत्र में पीएलवी ऋषिका जोशी ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, ओटीपी व पासवर्ड साझा न करने और संदिग्ध लिंक व ऑनलाइन ठगी से बचने की जानकारी दी। पीएलवी व अवनीश्री संस्था की अध्यक्ष प्रियंका जोशी ने पॉक्सो एक्ट, समानता के अधिकार और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी बताया। राज्य आनंद संस्थान के जिला समन्वयक डॉ. प्रवीण जोशी ने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत व सकारात्मक बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आत्मविश्वासी युवा ही सशक्त भारत की नींव हैं।
अंतिम सत्र में मुख्य अतिथि तृतीय सिविल न्यायाधीश सोनाक्षी चतुर्वेदी शर्मा ने पॉश एक्ट के प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने महिला अधिकारों, घरेलू हिंसा से जुड़े कानूनों और महिलाओं के सम्मान से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। कार्यक्रम का सफल संचालन पीएलवी दीपिका जोशी ने किया। समन्वय में अवनीश्री संस्था की सदस्य भावना आर्य का विशेष योगदान रहा। अंत में डॉ. अमिता मंडलोई ने अतिथियों, प्राधिकरण के प्रतिनिधियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार माना।



